रायपुर । शहर और आसपास के इलाकों में खुलेआम बिक रही एक सस्ती मैंगो फ्लेवर आइस कैंडी ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पैकेजिंग पर न तो FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित है और न ही निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि या बैच नंबर का उल्लेख।
खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार, किसी भी पैक्ड खाद्य पदार्थ पर इन जानकारियों का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य है। इसके बिना उत्पाद की वैधता, गुणवत्ता और ट्रेसबिलिटी पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है।
क्या कहता है कानून?
- खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत प्रत्येक पैक्ड खाद्य पदार्थ पर:
- FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर
- निर्माण तिथि एवं “Best Before”
- बैच/लॉट नंबर
- निर्माता का पूरा पता
- घटकों की सूची
स्पष्ट रूप से अंकित होना आवश्यक है। इन जानकारियों का अभाव न केवल नियमों की अवहेलना की ओर संकेत करता है, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकारों का भी उल्लंघन है।
बच्चों के स्वास्थ्य पर संभावित खतरा
आइस कैंडी जैसे उत्पाद पानी और शक्कर पर आधारित होते हैं। यदि निर्माण प्रक्रिया, पानी की गुणवत्ता और कोल्ड-चेन का पालन मानक के अनुसार न हो, तो यह फूड पॉइजनिंग, दस्त, उल्टी और अन्य संक्रमणों का कारण बन सकता है।
निर्माण तिथि न होने से यह भी स्पष्ट नहीं कि उत्पाद कितने समय से बाजार में है और क्या यह उपभोग योग्य अवधि में है या नहीं।
जवाबदेही कौन तय करेगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी? बिना बैच नंबर और लाइसेंस विवरण के किसी भी प्रकार की जांच या रिकॉल प्रक्रिया लगभग असंभव हो जाती है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
- क्या स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस उत्पाद की जांच की है?
- क्या संबंधित निर्माता के पास वैध लाइसेंस है?
- यदि है, तो पैकेजिंग पर उसका उल्लेख क्यों नहीं?
- यदि नहीं, तो यह उत्पाद बाजार में कैसे उपलब्ध है?
अभिभावकों से अपील
अभिभावकों को चाहिए कि वे किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग पर लाइसेंस नंबर और निर्माण/समाप्ति तिथि अवश्य जांचें। बच्चों के स्वास्थ्य से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।






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